पैरालिंपिक्स क्या है? सबको समझाएं
पैरालिंपिक्स वह अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता है जिसमें विकलांग एथलीट भाग लेते हैं। ये इवेंट हर चार साल में ऑलिम्पिक के बाद होते हैं और दुनिया भर के खिलाड़ी इसमें अपने हुनर दिखाते हैं। भारत भी इस मंच पर कई बार मेडल जीत चुका है, इसलिए यहाँ का ख़ास ध्यान रहता है।
अगर आप नए हैं तो जानिए कि पैरालिंपिक्स में अलग‑अलग वर्ग होते हैं – जैसे ट्रैक, एथलेटिक्स, स्विमिंग, बास्केटबॉल और बहुत कुछ। हर स्पोर्ट में खिलाड़ी अपनी क्षमताओं के हिसाब से प्रतिस्पर्धा करते हैं, चाहे वो व्हीलचेयर रेस हो या विज़ुअल इम्पेयरमेंट वाले शूटर की प्रतियोगिता।
आगामी पैरालिंपिक इवेंट्स
2026 में जापान में आयोजित होने वाला अगला पैरालिंपिक अभी योजना चरण में है। भारत के कई एथलीट पहले से ही क्वालिफाई कर रहे हैं, इसलिए चयन प्रक्रिया को फॉलो करना जरूरी है। आप इंडियन पैरालिंपिक कमेटी (IPC) की आधिकारिक वेबसाइट या प्रमुख खेल चैनलों पर लाइव अपडेट देख सकते हैं।
इसके अलावा 2025 में एशिया पैरलिम्पिक भारत के लिये बड़ा मौका लेकर आएगा। यह इवेंट अप्रैल‑मे महीने में आयोजित होगा और इसमें गोल्फ, शूटिंग, टेबल टेनिस जैसे खेल शामिल होंगे। यदि आप चाहते हैं कि आपके पसंदीदा खिलाड़ी कब किस इवेंट में भाग लेंगे, तो उनके सोशल मीडिया हैंडल फ़ॉलो करें – अधिकांश एथलीट अपनी ट्रेनिंग और मैच टाइम के बारे में सीधे फैंस को बताते हैं।
भारत के प्रमुख पैरालिंपिक एथलीट
भारत ने हाल ही में कई नाम बनाये हैं, जैसे मिराया गुप्ता (स्पीर्ड थ्रो), वादवो बिन्टू (ट्रैक) और देवेश रैडु (बास्केटबॉल)। ये खिलाड़ी न सिर्फ़ मेडल जीतते हैं बल्कि विकलांग समुदाय के लिए प्रेरणा भी बनते हैं।
मिराया ने 2024 पैरालिंपिक में सिल्वर मैडल जिता, और उसकी कहानी हर युवा को बताती है कि बाधा कोई रोड़ा नहीं। वादवो की तेज़ी ने 400 मीटर रेस में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया – इसे देख कर कई स्कूलों में ट्रैक ट्रेनिंग शुरू हो गई।
अगर आप इन एथलीट्स के बारे में और जानना चाहते हैं, तो उनके इंटरव्यू और बैकस्टेज वीडियो यूट्यूब पर देखें। अक्सर वे अपनी ट्रेनिंग रुटीन, डाइट और मोटिवेशन शेयर करते हैं, जो आपके खुद के फिटनेस गोल को भी मदद कर सकता है।
पैरालिंपिक्स का समर्थन करने के लिए आप स्थानीय NGOs या फंडरेज़र में हिस्सा ले सकते हैं। कई बार एथलीटों की ट्रांस्पोर्ट और ट्रेनिंग खर्चे के लिये दान एकत्रित होते हैं, इसलिए छोटा योगदान भी बड़ा असर डाल सकता है।
संक्षेप में, पैरालिंपिक्स सिर्फ़ खेल नहीं बल्कि समावेशी समाज की दिशा में एक कदम है। जब आप अगले इवेंट को देखते या एथलीट को सपोर्ट करते हैं, तो आप इस बदलाव का हिस्सा बनते हैं। अब देर न करें – अपने फ़ोन पर अलर्ट सेट करिए और ताज़ा अपडेट्स से जुड़ें।

पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स: सचिन खिलारी ने पुरुष शॉट पुट F46 इवेंट में सिल्वर पदक जीता
पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स में भारतीय पैराथलीट सचिन सरजेराव खिलारी ने पुरुष शॉट पुट F46 इवेंट में सिल्वर पदक जीता। उन्होंने 16.32 मीटर का शानदार थ्रो किया और एशियाई रिकॉर्ड बनाया। यह पदक भारत के लिए पैरालिंपिक्स में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को बताता है।
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