स्वच्छ नगर – साफ़ शहर बनाने की आसान टिप्स
क्या आपने कभी सोचा है कि आपका मोहल्ला या शहर कितना साफ़‑सुथरा हो सकता है? कई बार हमें दिखतीं हैं गंदगी भरी सड़कों के फोटो, पर समाधान उतना ही सरल है जितना हमारी रोज़ की छोटी-छोटी आदतें। इस लेख में हम बताएंगे कि स्वच्छ नगर बनाना सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है और किन‑किन कदमों से आप तुरंत असर देख सकते हैं।
स्वच्छ नगर के मुख्य कदम
पहला कदम है कचरा वर्गीकरण। घर में अलग-अलग डिब्बे रखें – एक कूड़ा, दूसरा रिसायक्लिंग और तीसरा जैविक कचरे के लिए. यह तरीका न सिर्फ लैंडफ़िल कम करता है बल्कि रीसायक्लेबल चीज़ों को दोबारा उपयोग में लाता है। दूसरे शहरों की सफलता कहती है कि जब लोग इसे अपनाते हैं तो सड़कों पर कूड़ा कम दिखता है.
दूसरा कदम है नल‑से‑नाल (सैनीटेशन) का सही इस्तेमाल. अगर आपके घर में ड्रेनेज ठीक नहीं है, तो जल निकासी के लिए छोटे उपाय करें – जैसे बर्तन धोते समय पानी को सीधे गटर में न डालें, बल्कि एक बाल्टी में जमा कर फिर उपयोगी कामों में लगाएँ.
तीसरा महत्वपूर्ण कदम है सार्वजनिक स्थानों की सफाई में सहभागिता. कई नगरपालिकाएं नागरिकों से मिलकर ‘स्वच्छता दिवस’ पर स्वैच्छिक क्लीन‑अप आयोजित करती हैं। अगर आप इसमें हिस्सा लेते हैं, तो न सिर्फ आपका मोहल्ला साफ़ होगा बल्कि आपके पड़ोसियों को भी प्रेरणा मिलेगी.
आप कैसे मदद कर सकते हैं
सबसे आसान तरीका है ‘एक मिनट नियम’ अपनाना – जब भी कचरा देखें, उसे तुरंत उठाकर सही डिब्बे में डालें। अगर कोई कूड़ा गिरा हो तो इसे नज़रअंदाज़ करने की बजाए थोड़ा समय निकालकर साफ़ करें.
दूसरी चीज़ है प्लास्टिक का उपयोग घटाना. बाजार से खरीदते समय पुन: प्रयोग योग्य बैग, बोतल और कंटेनर चुनें। यह छोटी‑छोटी आदतें शहर के कचरे को काफी कम कर देती हैं.
तीसरा सुझाव है स्थानीय स्वच्छता कार्यक्रमों में जुड़ना या स्वयं शुरू करना. अगर आपके मोहल्ले में कोई साफ़‑सफ़ाई समूह नहीं है, तो आप एक छोटे ग्रुप को बनाकर सप्ताह में एक बार सफाई का आयोजन कर सकते हैं.
सरकारी योजनाओं पर नज़र रखें। स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं और राज्य‑स्तर के कचरा प्रबंधन स्कीम्स अक्सर फ्रीलीटर्स या वॉलंटियर अवसर देते हैं. इनमें भाग लेकर आप अपने शहर की योजना में सीधे योगदान दे सकते हैं.
अंत में, स्वच्छ नगर बनाना एक सतत प्रक्रिया है। अगर हर परिवार थोड़ा‑बहुत बदलाव लाए तो पूरे शहर का माहौल बदलेगा. याद रखें, साफ़ सड़कों से ना सिर्फ स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि पर्यटन और व्यवसाय भी बढ़ते हैं.
तो अगली बार जब आप बाहर निकलें, तो अपने कदमों की आवाज़ सुनें – क्या वह गंदगी को धकेल रही है या उसे साफ़ कर रहा है? छोटे‑छोटे प्रयास बड़े बदलाव का कारण बनते हैं। स्वच्छ नगर आपका अधिकार भी है और आपकी जिम्मेदारी भी.

स्वच्छता में इंदौर की हैट्रिक: आठवीं बार बना भारत का सबसे साफ शहर
इंदौर ने आठवीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर बनने का रिकॉर्ड बनाया है। इस साल उसे नई श्रेणी Super Swachh League में शीर्ष स्थान मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया। बड़ी जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में अहमदाबाद नंबर-1 रहा, जबकि भोपाल और लखनऊ भी टॉप-3 में शामिल हैं।
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