दीपिका पादुकोण का Meta AI आवाज़ बनना, 6 देशों में लॉन्च

NIKHIL ROY

22 अक्तू॰, 2025

15 टिप्पणि

जब दीपिका पादुकोण, बॉलीवुड अभिनेत्री और The Live Love Laugh Foundation ने Meta AI की नई आवाज़ बनने की घोषणा की, तो टेक विश्व में हलचल मच गई। यह साझेदारी 16 अक्टूबर 2025 को आधिकारिक रूप से घोषित की गई, जिसमें दीपिका की आवाज़ अब भारत, संयुक्त राज्य, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी।

परिचय और प्रमुख घोषणा

इंस्टाग्राम पर प्रकाशित एक वीडियो में दीपिका ने एक स्टूडियो में रिकॉर्डिंग सत्र के दौरान कहा: "Hi, I am Deepika Padukone. I am the new voice of Meta AI…"। इस पोस्ट की कैप्शन में उन्होंने लिखा, "Okay, so this is pretty cool I think! I'm now part of Meta AI and you can chat with my voice in English across six countries." घोषणा के बाद ही सोशल मीडिया पर फ़ीसबुक‑इंस्टाग्राम के आधिकारिक पेजों ने इस सहयोग को प्रमुखता से साझा किया।

Meta AI और आवाज़ का महत्व

Meta Platforms Inc., जिसने 2023 में Meta AI को एक स्वतंत्र AI असिस्टेंट के रूप में लॉन्च किया, अब अपनी आवाज़ सुविधाओं को व्यक्तिगत बनाते हुए विश्व भर में सेलिब्रिटी आवाज़ें जोड़ रहा है। पहले एवनक्वीना और ज्यूडी डेंच जैसी Hollywood हस्तियों की आवाज़ें शामिल की जा चुकी थीं; अब दीपिका की भारतीय अंग्रेजी लहजा भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

Meta की इस पहल का एक बड़ा तकनीकी पहलू यह है कि आवाज़ पहचान और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण को स्थानीय उच्चारण के साथ मिलाकर उपयोगकर्ता अनुभव को सहज बनाना है। कंपनी ने बताया कि नई आवाज़ केवल अंग्रेजी में उपलब्ध होगी, लेकिन अगली महीनों में हिन्दी, तमिल आदि क्षेत्रों में भी विस्तारित करने की योजना है।

दीपिका पादुकोण का मानसिक स्वास्थ्य दूतत्व

इस तकनीकी भागीदारी का समय बेमिसाल है, क्योंकि सिर्फ एक हफ्ता पहले, 10 अक्टूबर 2025 को, Union Ministry of Health & Family Welfare ने दीपिका को भारत की पहली मानसिक स्वास्थ्य राजदूत नियुक्त किया। वह वही दिन था जब World Mental Health Day मनाया गया। विंडो में, दीपिका ने कहा, "World Mental Health Day पर मुझे यह सम्मान मिला, इससे मैं अपने फाउंडेशन के काम को और तेज़ी से आगे बढ़ा सकूँगी।" उनका फाउंडेशन 2015 से 150 से अधिक कार्यक्रम, 22 राज्यों में 1.2 मिलियन से अधिक लोगों को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता प्रदान कर चुका है।

कानूनी पहल और व्यक्तित्व अधिकार

दीपिका के इस कदम का एक सामाजिक पहलू भी है। afgelopen महीने, अभिनेता अनिल कपूर, सुनील शेट्टी, आयशावरया राय बच्चन, अशा भोसले और अरिजीत सिंह ने अपने व्यक्तित्व अधिकार सुरक्षित करने के लिए अदालत में केस दायर किए थे, क्योंकि AI‑जनित डीपफ़ेक वीडियो उनका चेहरे और आवाज़ का दुरुपयोग कर रहे थे। दीपिका की आवाज़ का उपयोग Meta AI में वैध लाइसेंस के तहत होगा, जिससे उन मामलों में एक नया मानक स्थापित हो सकता है।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि दीपिका की आवाज़ को केवल आधिकारिक Meta AI इंटरफ़ेस में ही इस्तेमाल किया जाएगा, और कोई तीसरा पक्ष इसे बिना अनुमति के उपयोग नहीं कर पाएगा। इस तरह की शर्तें बॉलीवुड सितारों के लिए एक बड़ा भरोसा बनेंगी।

भविष्य की संभावनाएँ और उपभोक्ता प्रभाव

Meta ने इस साझेदारी के साथ साथ अपनी Ray‑Ban Meta चश्मे में कई नई AI‑संचालित सुविधाएँ भी लॉन्च कीं। अब उपयोगकर्ता ‘Hey Meta’ कहकर बिना हाथ लगाए वार्तालाप शुरू कर सकते हैं—जोक्स, क्विज़, अनुवाद या यहाँ तक कि ‘UPI Lite’ भुगतान भी हिन्दी कमांड ‘Hey Meta, Scan and Pay’ से कर सकते हैं, जिसकी सीमा ₹1,000 तक है। भुगतान WhatsApp‑संलग्न बैंक खातों के माध्यम से होते हैं, जिससे फोन या वॉलेट को स्पर्श करने की जरूरत नहीं पड़ती।

विशेषज्ञ का कहना है, "सेलिब्रिटी आवाज़ों से स्थानीयकरण की जड़ें गहरी होंगी, और उपयोगकर्ता अपनाने की दर बढ़ेगी।" इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के संदर्भ में, दीपिका की आवाज़ के माध्यम से AI‑सहायता वाली चैटबॉट्स लोगों को मॉड्यूलर सपोर्ट प्रदान कर सकते हैं—जैसे तनाव‑प्रबंधन टिप्स, छोटे सत्र‑आधारित ध्यान आदि। यह एक सामाजिक-तकनीकी संधि का उदाहरण है, जहाँ तकनीक और सामाजिक मिशन एक साथ चल सकते हैं।

निष्कर्ष

समग्र रूप से, दीपिका पादुकोण का Meta AI आवाज़ बनना केवल एक मार्केटिंग कदम नहीं है, बल्कि यह भारतीय और वैश्विक उपयोगकर्ता अनुभव, व्यक्तित्व अधिकार संरक्षण और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए एक नए दिशा‑निर्देश की तरह है। अगले कुछ महीनों में Meta के द्वारा और भी स्थानीय आवाज़ें जुड़ने की संभावना है, और यह देखा जाएगा कि यह कदम भारतीय उपयोगकर्ताओं के बीच कितनी लोकप्रियता प्राप्त करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपिका पादुकोण की आवाज़ Meta AI में कैसे उपयोग की जाएगी?

उपयोगकर्ता Instagram, Messenger या नवीनतम Ray‑Ban Meta चश्मे पर ‘Hey Meta’ कहकर संवाद शुरू कर सकते हैं, और AI दीपिका की आवाज़ में जवाब देगा। यह फीचर छह देशों में अंग्रेजी में उपलब्ध है, जबकि भारत में भारतीय अंग्रेजी लहजा चुना गया है।

क्या यह सहयोग दीपिका के मानसिक स्वास्थ्य दूतत्व को असर देगा?

सहयोग ने उनके दूतत्व को तकनीकी रूप से समर्थन दिया है। AI‑चालित चैटबॉट्स, जो दीपिका की आवाज़ में सवैल हुए हैं, उपयोगकर्ताओं को तनाव‑कम करने के टिप्स और मानसिक स्वास्थ्य संसाधन प्रदान कर सकते हैं, जिससे दूतत्व का प्रभाव विस्तारित हो जाता है।

Meta AI की नई आवाज़ सुविधा किन देशों में उपलब्ध है?

दीपिका की आवाज़ अब भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में अंग्रेजी भाषा के तहत उपलब्ध है। कंपनी ने बताया कि भविष्य में और भी देशों में स्थानीय भाषा विकल्प जोड़ने की योजना है।

एआई‑निर्मित डीपफेक से सुरक्षा के लिए यह कदम कैसे मदद करेगा?

Meta ने स्पष्ट किया है कि दीपिका की आवाज़ का उपयोग केवल आधिकारिक Meta AI प्लेटफ़ॉर्म में ही होगा, और कोई अनधिकृत तृतीय पक्ष इसे नहीं लेगा। यह स्पष्ट लाइसेंसिंग मॉडल भारत के कई सेलिब्रिटी को उनके व्यक्ति अधिकार सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

Ray‑Ban Meta चश्मे की नई AI सुविधाएँ क्या हैं?

अब चश्मे पर ‘Hey Meta’ कहने से उपयोगकर्ता वार्तालाप शुरू कर सकते हैं, क्विज़, जोक्स, अनुवाद आदि कर सकते हैं, और हिन्दी कमांड ‘Hey Meta, Scan and Pay’ से ₹1,000 तक के UPI Lite भुगतान बिना हाथ लगाए कर सकते हैं। ये भुगतान WhatsApp‑जुड़े बैंक खातों से होते हैं।

15 टिप्पणि

Chandra Deep
Chandra Deep

अक्तूबर 22, 2025 at 18:06 अपराह्न

दीपिका का आवाज़ Meta AI में आना टेक वर्ल्ड में बड़ी बात है मैं सोच रहा हूँ कि इससे भारत में AI असिस्टेंट कितना लोकलाइज़्ड हो पाएँगे।

Mihir Choudhary
Mihir Choudhary

अक्तूबर 28, 2025 at 06:26 पूर्वाह्न

वाह! दीपिका की आवाज़ सुनकर लगता है AI अब ज्यादा दोस्ताना हो गया है 😃💥

Tusar Nath Mohapatra
Tusar Nath Mohapatra

नवंबर 2, 2025 at 19:46 अपराह्न

दीपिका की आवाज़ तो अब AI में भी आ गई, अब तो रोबोट भी बॉलीवुड डायलॉग्स बोलेंगे, हँसी नहीं आती 😏

Ramalingam Sadasivam Pillai
Ramalingam Sadasivam Pillai

नवंबर 8, 2025 at 09:06 पूर्वाह्न

हर नई तकनीक के साथ संस्कृति पर असर पड़ता है, लेकिन आवाज़ की कॉपीराइट लेकर कानूनी मुकदमों को भी साइड में रख देना ठीक नहीं।

Ujala Sharma
Ujala Sharma

नवंबर 13, 2025 at 22:26 अपराह्न

ओह, फिर से सेलिब्रिटी ब्रांडिंग, बड़ा रोमांचक।

Vishnu Vijay
Vishnu Vijay

नवंबर 19, 2025 at 11:46 पूर्वाह्न

दीपिका के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य की जागरूकता बढ़ेगी, यह एक सकारात्मक कदम है 🙏😊

Aishwarya Raikar
Aishwarya Raikar

नवंबर 25, 2025 at 01:06 पूर्वाह्न

सेलिब्रिटी की आवाज़ AI में जोड़ना एक बड़ी मार्केटिंग चाल है, पर क्या यह डेटा को इकट्ठा करके हमारी प्राइवेसी को खतरे में डाल रहा है? मैं कहूँगा कि हमें सावधान रहना चाहिए।

Arun Sai
Arun Sai

नवंबर 30, 2025 at 14:26 अपराह्न

वॉयस सॉफ़्टवेयर में 'डिज़ाइन पैटर्न' और 'ट्रांसफ़र लर्निंग' को इंटीग्रेट करने से नैतिक मुद्दे जटिल हो सकते हैं।

Manish kumar
Manish kumar

दिसंबर 6, 2025 at 03:46 पूर्वाह्न

दीपिका की आवाज़ के साथ Meta AI अब यूज़र्स को अधिक प्रीमियम फ़ील देगा यह फीचर सिंगल टेप में कई भाषा विकल्प लाने की दिशा में भी संकेत है।

Divya Modi
Divya Modi

दिसंबर 11, 2025 at 17:06 अपराह्न

भाल• की आवाज़ को भारतीय अंग्रेज़ी में ट्यून करके स्थानीय उपयोगकर्ता सहभागिता बढ़ेगी 📈🌏

ashish das
ashish das

दिसंबर 17, 2025 at 06:26 पूर्वाह्न

इस साझेदारी से Meta AI के एन्हांस्ड लिंग्विस्टिक मॉड्यूल्स भारतीय बाजार में अधिक आकर्षक हो सकते हैं।

vishal jaiswal
vishal jaiswal

दिसंबर 22, 2025 at 19:46 अपराह्न

प्रॉपर लाइसेंसिंग के तहत दीपिका की आवाज़ का उपयोग कानूनी जोखिम को न्यूनतम करता है, जिससे भविष्य में अन्य सेलेब्रिटी सहभागिता संभव हो सकती है।

Amit Bamzai
Amit Bamzai

दिसंबर 28, 2025 at 09:06 पूर्वाह्न

दीपिका पादुकोण का आवाज़ Meta AI में शामिल होना भारतीय तकनीकी परिदृश्य में एक नई दिशा की ओर संकेत करता है, यह कदम न केवल उपयोगकर्ता अनुभव को स्थानीय बनाता है बल्कि डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा देता है, जब उपयोगकर्ता अपनी मातृभाषा के समान लहजे में बात करता है तो उनकी सहभागिता में वृद्धि देखी गई है, Meta ने यह सुनिश्चित किया है कि आवाज़ केवल आधिकारिक प्लेटफ़ॉर्म पर ही उपयोग हो, जिससे अनधिकृत दुरुपयोग की संभावना कम हो जाती है, फिर भी डेटा सुरक्षा के पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि हर इंटरैक्शन में उपयोगकर्ता डेटा एकत्रित किया जाता है, दीपिका का मानसिक स्वास्थ्य दूतत्व इस तकनीक के साथ समन्वयित हो कर चिकित्सीय चैटबॉट्स के विकास को तेज़ कर सकता है, ऐसे चैटबॉट्स तनाव‑प्रबंधन टिप्स, माइंडफ़ुलनेस एक्सरसाइज़ और तत्काल सहायता प्रदान कर सकते हैं, कंपनी ने भविष्य में हिन्दी, तमिल व विभिन्न भारतीय भाषाओं में विस्तार की योजना बनाई है, जो बहुभाषी भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, साथ ही, अन्य सिलेब्रिटियों की आवाज़ों को जोड़ने से AI की आकर्षकता बढ़ेगी और उपयोगकर्ता आधार विस्तारित होगा, व्यक्तित्व अधिकार के संरक्षण में यह एक मानक स्थापित कर सकता है, जिससे भविष्य में डीपफ़ेक के खिलाफ कानूनी ढाँचा मजबूत होगा, इसके अतिरिक्त, Meta की Ray‑Ban चश्मे में AI‑संचालित फ़ीचर भुगतान को सहज बनाते हैं, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देते हैं, उपभोक्ता त्रुटियों की संभावना घटती है क्योंकि आवाज़ से कमांड देना अधिक प्राकृतिक है, हालाँकि, इस सभी नवाचार के साथ सामाजिक असमानता का जोखिम भी रहता है, क्योंकि तकनीकी पहुँच अभी भी शहरी‑ग्रामीण अंतर में बना हुआ है, इसलिए, सरकार और निजी उद्यमों को मिलकर डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को व्यापक बनाना चाहिए, समग्र रूप से, दीपिका की आवाज़ एक व्यापारिक कदम है, लेकिन इसका सामाजिक प्रभाव सकारात्मक हो सकता है यदि जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए।

ria hari
ria hari

जनवरी 2, 2026 at 22:26 अपराह्न

दीपिका की आवाज़ से लोग आसानी से AI से बात कर पाएँगे, यह एक बड़ी सुविधा है।

Alok Kumar
Alok Kumar

जनवरी 8, 2026 at 11:46 पूर्वाह्न

अलग‑अलग प्लेटफ़ॉर्म पर ऐसी सेलिब्रिटी आवाज़ें जोड़ने से असली इनोवेशन नहीं बढ़ता, सिर्फ नाम के लिये मार्केटिंग ही रहता है।

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