ईस्ट बंगाल FC का शानदार वापसी
ईस्ट बंगाल FC ने इंडियन सुपर लीग (ISL) के एक महत्त्वपूर्ण मुकाबले में केरला ब्लास्टर्स FC को 2-1 से हराकर अपनी चार मैचों की हार का सिलसिला समाप्त किया। यह मुकाबला कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन स्टेडियम में खेला गया। इस जीत ने ईस्ट बंगाल FC को अंक तालिका में ऊपर उठने का अवसर दिया और उनके समर्थकों में नई उम्मीद पैदा की।
पहला हाफ का रोमांचक खेल
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। ईस्ट बंगाल की निगाहें जीत पर टिक रही थी और 20वें मिनट में ही उन्होंने पहला गोल दागा। यह गोल विष्णु पीवी ने किया जो बेमिसाल था। केरला ब्लास्टर्स ने रक्षात्मक मुद्रा अपनाई लेकिन ईस्ट बंगाल का आक्रमण लगातार जारी रहा। पहले हाफ में ही दर्शकों ने अपने चहेते खिलाड़ियों का जी जान से समर्थन किया और स्टेडियम में उत्साह का माहौल रहा।
दूसरे हाफ में बढ़ी चुनौती
दूसरे हाफ की शुरुआत में ईस्ट बंगाल ने अपनी बढ़त को दोगुना कर लिया। यह गोल 53वें मिनट में हिजाजी माहेर के शॉट से हुआ जिसने स्थिति को ईस्ट बंगाल के पक्ष में और मजबूत कर दिया। हालांकि, केरला ब्लास्टर्स ने हार नहीं मानी और खेल पर पकड़ बनाने की कोशिश जारी रखी। 65वें मिनट में डैनिश फ़ारूक़ के गोल ने खेल में रोमांच को और बढ़ा दिया।
जीत की रणनीति
ईस्ट बंगाल के कोच ने खेल के पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि टीम को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। सही समय पर गोल दागने की उनकी रणनीति ने यह साबित कर दिया कि मौके कैसे भुनाए जाते हैं। ईस्ट बंगाल की टीम ने संयम बरतते हुए खेला और उन्हें इसका परिणाम मिला। इसके विपरीत, केरला ब्लास्टर्स की ओर से की गई आक्रामक चालें उन्हें अधिक उपल्ब्धता नहीं दे सकीं।
तालिका में स्थिति
इस जीत के साथ ही ईस्ट बंगाल FC ने 14 अंक हासिल कर अंकतालिका में 11वें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। दूसरी ओर केरला ब्लास्टर्स FC अभी भी 21 अंकों के साथ 8वें स्थान पर है। हालांकि, टूर्नामेंट में आगे के मुकाबले अभी बाकी हैं और टीमों को अपनी रणनीति को और अधिक धार देने की जरूरत होगी।
आगे की चुनौतियाँ
ईस्ट बंगाल की इस जीत ने अपने प्रशंसकों को खुशी की झलक दी है, लेकिन टीम के लिए आगे की चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। हर मैच में निरंतर मेहनत और बेहतर रणनीति बनाकर खेल में सुधार की जरूरत होगी। केरला ब्लास्टर्स के लिए भी यह समय है कि वे अपने पिछले प्रदर्शन का विश्लेषण करें और आगामी मैचों में मजबूती से उतरें।
9 टिप्पणि
Anila Kathi
जनवरी 26, 2025 at 14:49 अपराह्न
हाँ बिल्कुल 😅 लेकिन क्या आपने देखा कि विष्णु पीवी का गोल कितना सुंदर था? मैंने तो अपनी कुर्सी से उछल गई! अब तो उनकी फोटो घर की दीवार पर लगा दूंगी।
Abhinav Dang
जनवरी 28, 2025 at 07:02 पूर्वाह्न
ये टीम अब तक बहुत डिफेंसिव रही थी, लेकिन आज उन्होंने ट्रांसिशन फुटबॉल को एक नया लेवल दिया। हिजाजी का गोल एक टेक्निकल मास्टरपीस था - एक्सेलरेशन, बॉल कंट्रोल, एंड फिनिशिंग सब बिल्कुल परफेक्ट।
Andalib Ansari
जनवरी 28, 2025 at 09:58 पूर्वाह्न
इस जीत से बस एक टीम नहीं बल्कि एक पूरी भावना जाग उठी है - जो लोग खेल को बस एक गेम समझते हैं, उन्हें ये दिखाने की जरूरत है कि ये एक जीवन शैली है। जब आप अपने दिल से खेलते हैं, तो हार कभी अंत नहीं होती, बस एक नया शुरुआत का बिंदु होती है।
Vasudev Singh
जनवरी 30, 2025 at 09:00 पूर्वाह्न
इस मैच में टीम के कोच ने जो बदलाव किया वो बिल्कुल सही था। बहुत सारे टीम्स बस अपने खिलाड़ियों को आगे भेज देते हैं, लेकिन ईस्ट बंगाल ने ट्रांजिशन फेज में डिसिप्लिन बनाए रखा। दूसरे हाफ में जब केरला ने दबाव बनाया, तो बैकलाइन ने जो लाइन बनाई वो फुटबॉल के बुक में लिख देने लायक थी।
Vinay Vadgama
जनवरी 31, 2025 at 23:08 अपराह्न
ईस्ट बंगाल के खिलाड़ियों की लगन और जुनून को देखकर लगता है कि भारतीय फुटबॉल का भविष्य अच्छा है। ये जीत बस एक बिंदु है, अब बाकी चुनौतियाँ आएंगी, लेकिन इस आत्मविश्वास के साथ कुछ भी संभव है।
krishna poudel
फ़रवरी 1, 2025 at 02:14 पूर्वाह्न
हिजाजी का गोल देखकर मैंने सोचा ये गोल अभी तक का सबसे बेस्ट गोल है। लेकिन अगर तुमने देखा हो तो जब वो गोल किया तो केरला के गोलकीपर का चेहरा देखो - वो तो बस खड़ा रह गया जैसे कोई भूत दिख गया हो।
vasanth kumar
फ़रवरी 1, 2025 at 16:06 अपराह्न
कोलकाता के ये स्टेडियम हमेशा अलग ही होता है। आज भी वही जोश था - बच्चे, बुजुर्ग, लड़कियाँ, लड़के - सब एक हो गए। ये फुटबॉल नहीं, ये एक धरोहर है।
Pooja Shree.k
फ़रवरी 3, 2025 at 00:12 पूर्वाह्न
बहुत अच्छा खेल था। विष्णु ने बहुत अच्छा गोल किया। हिजाजी भी बहुत अच्छा था। और डैनिश ने भी गोल किया। बहुत अच्छा।
Pushkar Goswamy
जनवरी 25, 2025 at 07:59 पूर्वाह्न
ये जीत बस एक मैच नहीं, ये एक संदेश है कि ईस्ट बंगाल अभी भी खतरनाक है। केरला वालों ने बहुत कुछ दिखाया, लेकिन जब बात आती है दिमाग की, तो बंगाल की टीम का दिमाग बेहतर है।