महिला एशिया कप 2024 का फाइनल: भारत बनाम श्रीलंका
महिला एशिया कप 2024 का रोमांचक फाइनल मुकाबला 28 जुलाई 2024 को रांगिरी दाम्बुल्ला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया। इस मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को 8 विकेट से हराया और अपने नाम किया। इस हार के साथ भारतीय टीम की विजय यात्रा टूट गई, जिन्होंने अब तक सभी मैच जीते थे। इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 165/6 का स्कोर बनाया। स्मृति मंधाना ने सर्वाधिक 60 रन जबकि ऋचा घोष ने 30 रन का योगदान दिया।
भारत की बल्लेबाजी
भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही लेकिन मध्यमक्रम में वे खास योगदान न कर सके। स्मृति मंधाना ने अपने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की और 60 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनके साथ ओपनिंग करने उतरी शैफाली वर्मा सस्ते में आउट हो गईं। इसके बाद ऋचा घोष ने भी अच्छी बल्लेबाजी की और टीम के स्कोर को 165 तक पहुंचाने में योगदान दिया। लेकिन अंत में भारतीय बल्लेबाज श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने ज्यादा टिक नहीं पाए।
श्रीलंका की गेंदबाजी
श्रीलंका के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी के दम पर महत्वपूर्ण विकेट झटके। विशेषतः कप्तान चमारी अटापट्टू ने भी गेंद के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। उनका नियंत्रण और सही स्थान पर गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजों को नहीं खुलने दिया। अंततः भारतीय टीम 165 रनों पर ही सिमट गई।
श्रीलंका की बल्लेबाजी
भारत द्वारा दिए गए 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहतरीन रही। कप्तान चमारी अटापट्टू ने 61 रनों की शानदार पारी खेली। उनके साथ हर्षिता समरविक्रम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और 69 रन बनाकर नाबाद रहीं। दोनों बल्लेबाजों की जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और आसानी से लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका को 8 विकेट से जीत दिलाई।
भारतीय गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाज जिन्हें टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाता है, वे इस महत्वपूर्ण मुकाबले में रंग नहीं दिखा सके। दीपति शर्मा और रेणुका सिंह जो अब तक बेहतरीन गेंदबाजी कर रही थीं, वे भी नाकाम रहीं। श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की एक न चलने दी और लगातार रन बनाते रहे।
श्रीलंकाई टीम की ऐतिहासिक जीत
यह जीत श्रीलंकाई महिला क्रिकेट टीम के इतिहास में एक अभूतपूर्व पल थी। इससे पहले उन्होंने कभी महिला एशिया कप नहीं जीता था। श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी शानदार फॉर्म दिखाई और 243 रन बनाकर टॉप रन-स्कोरर रहीं। आखिरी मुकाबले में उनकी टीम का प्रदर्शन त्रुटिहीन था, जिसने उन्हें एशिया कप का विजेता बना दिया।
पूरा टूर्नामेंट भारतीय टीम के लिए शानदार रहा, लेकिन इस हार ने उन्हें शायद आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं, श्रीलंकाई टीम के लिए यह जीत बताती है कि मेहनत और लगन से वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। इस जीत से श्रीलंका की क्रिकेट को भी एक नया मोड़ मिला है और यह प्रेरणा स्रोत बनेगा अन्य खिलाड़ियों के लिए भी।
निष्कर्ष
श्रीलंका की यह जीत महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। इस टूर्नामेंट ने हर टीम को अपनी क्षमताएं बताने का मौका दिया और श्रीलंका ने इसे भुना लिया। भारतीय टीम को इस हार से सीख लेते हुए आगे के मैचों में और मजबूती से खेलना होगा। यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए निश्चित रूप से यादगार रहेगा।
18 टिप्पणि
Dinesh Kumar
अगस्त 2, 2024 at 06:09 पूर्वाह्न
अरे भाई! ये जीत सिर्फ श्रीलंका की नहीं, पूरी एशिया की जीत है! चमारी अटापट्टू ने तो ऐसा खेला जैसे क्रिकेट का देवता उतर आया हो! 🙌 ये जीत टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मोमेंट है! भारत को शर्म आनी चाहिए, लेकिन हम तो इस जीत को सलाम करते हैं!
Sanjay Gandhi
अगस्त 3, 2024 at 08:47 पूर्वाह्न
क्या आपने देखा कि श्रीलंका की टीम में कितने युवा खिलाड़ी थे? ये जीत सिर्फ एक मैच नहीं, एक नई पीढ़ी की शुरुआत है। भारत के लिए तो ये एक बड़ा सबक है - खेल में नए लोगों को मौका देना जरूरी है। और हाँ, श्रीलंका के खिलाड़ियों के बारे में भारतीय मीडिया क्यों इतना चुप है?
Srujana Oruganti
अगस्त 4, 2024 at 12:26 अपराह्न
फिर से भारत हारा। क्या ये टीम बनाने वाले लोग खुद खेलते हैं? ये फाइनल में जीतने की कोशिश भी नहीं कर रहे।
fatima mohsen
अगस्त 6, 2024 at 10:43 पूर्वाह्न
ये जीत श्रीलंका के लिए अच्छी है... पर भारत के खिलाड़ियों की तैयारी कैसी है? ट्रेनर्स को बदलना चाहिए। ये टीम तो बस बैठकर देख रही है। 😒
Pranav s
अगस्त 7, 2024 at 13:18 अपराह्न
स्मृति ने जो किया वो बहुत अच्छा था पर बाकी सब बेकार थे। ये टीम तो फाइनल में जीतने के लिए नहीं बनी है।
Ali Zeeshan Javed
अगस्त 8, 2024 at 12:01 अपराह्न
ये जीत भारत और श्रीलंका दोनों के लिए बड़ी बात है। श्रीलंका ने अपनी जीत को सादगी से मनाई, और भारत के खिलाड़ियों ने भी बहुत मेहनत की। अगर हम एक टीम बन जाएं तो एशिया का टाइटल तो हम सबका होगा। 🤝
Žééshañ Khan
अगस्त 9, 2024 at 06:19 पूर्वाह्न
इस मैच के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड को एक गंभीर आंतरिक समीक्षा करनी चाहिए। खिलाड़ियों की तैयारी, ट्रेनिंग प्रणाली, और नेतृत्व के तरीके सभी पर निरीक्षण आवश्यक है।
ritesh srivastav
अगस्त 10, 2024 at 09:34 पूर्वाह्न
श्रीलंका ने जीता? अच्छा। तो अब हमें इस जीत के लिए उन्हें शुभकामनाएं देनी हैं? ये टीम तो बस भारत के खिलाफ खेल रही थी। अब भारत को इसे अपनी जीत का एक आधार बनाना चाहिए।
sumit dhamija
अगस्त 12, 2024 at 02:44 पूर्वाह्न
ये टीम के खिलाड़ियों को बार-बार एक ही गलती करने का मौका देना बंद करना चाहिए। अगर ये टीम अपनी भूमिका नहीं समझती तो आगे क्या होगा?
Aditya Ingale
अगस्त 13, 2024 at 22:33 अपराह्न
भाई ये जीत तो दिल को छू गई! चमारी का बल्ला और हर्षिता की बातें - ये दोनों ने तो एक नई कहानी लिख दी। भारत के लिए ये हार नहीं, एक नया शुरुआती पल है। अब देखो कैसे वे वापस आते हैं!
Aarya Editz
अगस्त 15, 2024 at 05:32 पूर्वाह्न
जीत और हार दोनों ही खेल का हिस्सा हैं। लेकिन इस हार से हमें ये सीख मिलती है कि जब तक हम अपने खिलाड़ियों की व्यक्तिगत योग्यता को नहीं समझेंगे, तब तक ये टूर्नामेंट भी हमारे लिए दूर रहेंगे।
Prathamesh Potnis
अगस्त 15, 2024 at 05:34 पूर्वाह्न
इस टूर्नामेंट के बाद भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नई रणनीति बनाना आवश्यक है। खिलाड़ियों को अधिक प्रशिक्षण और विश्लेषण की आवश्यकता है।
Sita De savona
अगस्त 15, 2024 at 23:09 अपराह्न
अरे भाई, भारत ने तो बस अपना आत्मविश्वास खो दिया। श्रीलंका ने बस बल्ला घुमाया और जीत ली। अब भारत को बस इतना करना है - अपने खिलाड़ियों को वापस लाना। 😏
Rahul Kumar
अगस्त 17, 2024 at 11:32 पूर्वाह्न
मैच तो खेला गया, जीत गई, हार गई। अब बस इतना ही। लेकिन भारत के लिए ये एक बड़ा सबक है।
Shreya Prasad
अगस्त 19, 2024 at 03:43 पूर्वाह्न
भारतीय टीम के लिए यह अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब उन्हें अपनी कमजोरियों पर काम करना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।
GITA Grupo de Investigação do Treinamento Psicofísico do Atuante
अगस्त 20, 2024 at 05:09 पूर्वाह्न
क्या ये जीत श्रीलंका के लिए वास्तविक जीत है? या यह भारत की असफलता का परिणाम है? क्या हम इसे एक विजय के रूप में देखना चाहते हैं या एक अवसर के रूप में?
Nithya ramani
अगस्त 21, 2024 at 14:28 अपराह्न
हार ने सबक सिखाया। अब भारत के लिए बस एक बार फिर से उठना है। खिलाड़ियों की ताकत देखो, उनका जुनून देखो। ये टीम अभी भी बहुत बड़ी है।
shivam sharma
जुलाई 31, 2024 at 18:58 अपराह्न
ये टीम क्या थी भाई? बल्लेबाजी में बस स्मृति ने लड़ा बाकी सब बेड़ियां लगे हुए थे। श्रीलंका ने तो बस गेंद को रोक दिया और चले गए। ये भारतीय टीम कौन बनाती है?