गुजरात की राजनीति में 17 अक्टूबर, 2025 को एक नया चैप्टर शुरू हुआ जब महाराणा गांधीनगर में स्थित महात्मा मंदिर परिसर में 11:30 बजे काफिशियन सीरी हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 26 मंत्रियों को एक साथ पद ग्रहण कराया, जिसमें अचार्य देवव्रत जैसे राज्यपाल द्वारा शपथ दिखी यह सबसे बड़ी वैज्ञानिक कदम है। इस समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एन पी नायडू भी मौजूद थे, जो दिखाता था कि यह कोई आम घटना नहीं थी।
चलिए समझते हैं कि दरवाजा क्या खुला है और किसे बाहर कर दिया गया। कुल मिलाकर 26 मंत्रियों को शपथ दी गई, जिनमें 6 पूर्व मंत्रियों को फिर से शामिल किया गया, 10 को हटाया गया और 19 नए चेहरे देखने को मिले। यह पहली बार है जब पटेल के दूसरे कार्यकाल शुरू होने के लगभग तीन साल बाद इतना बड़ा सुधार हुआ। अगर बात पिछले रिकॉर्ड की करें, तो ऐसा अंतिम बार 11 सितंबर 2021 को हुआ था, जब वीर रघू राम यादव ने इस्तीफा देकर रास्ता खाली किया था।
मुख्य मंत्रियों की सूची और बदलावों की डिटेल्स
इस रिस्ट्रक्चरिंग में सबसे बड़ी ख़ुशी हृषेश सांग्वी को मिली। वे उप मुख्यमंत्री बने हैं। ऐतिहासिक रूप से, गुजरात में इस पद पर केवल पांच लोग ही आए हैं। सांग्वी पहले सुऱा से होम मिनिस्टर रहे हैं, लेकिन अब उनका स्तर बदल गया है। वहीं क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी राहुल जादेजा की पत्नी रिवबा जादेजा भी मंत्रिमंडल में शामिल हुईं। वह एमएलए हैं और अब वे मंत्रालय में काम करेंगी।
इस कैबिनेट में महिलाओं का अनुपात भी बढ़ा है। कुल तीन महिला मंत्रियों ने शपथ ली, जो सरकारी नीतियों में समावेशिता को दर्शाता है। अन्य नामों में प्रवीण कुमार माळी, दार्शन वघेला, कन्वर जी बावलीया और जितेन्द्र वाघानी जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग अपने-अपने क्षेत्रों से उभरे हुए नेता हैं जो अब जिम्मेदारी के नए फर्मानों को पूरा करेंगे। स्वर्णिम कॉम्प्लेक्स, जहाँ मंत्रालय कार्यालय हैं, उसकी सफाई रात भर में हो गई ताकि सब तैयार रहें।
दिल्ली से लेकर गान्धीनगर तक: राजनीतिक फैसला कैसे हुआ?
क्या आपको पता है कि यह फैसला सिर्फ गुजरात में लिया गया था? थोड़ा और। 16 अक्टूबर, 2025 को दिल्ली में एक बैठक हुई थी जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एन पी नायडू ने मंत्रिमंडल की संरचना को अंतिम रूप दिया। यह स्पष्ट संकेत है कि राजस्थान और अन्य बीजेपी शासित राज्यों के लिए भी ये पैटर्न अपनाया जा सकता है।
जगदीश विश्वकर्मा को पार्टी के राज्य अध्यक्ष बनाया गया है, इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका फोकस अब पूरी तरह पार्ट्या के संगठन पर है। 16 अक्टूबर को सभी 16 पुराने मंत्रियों ने इस्तीफा सुनाया था—8 कैबिनेट और 8 राज्य मंत्री। यह प्रक्रिया बहुत व्यवस्थित थी।
क्या इसका असर अगले चुनावों पर पड़ेगा?
विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव केवल अंदरूनी नहीं है। बीजेपी केंद्र सरकार में भी परिवर्तन के लिए तैयार है, जहाँ पार्टी अध्यक्ष पद और यूनियन कैबिनेट में बदलाव आ सकते हैं। गुजरात में अधिकतम 27 मंत्रियों की अनुमति है और अब 27 पदों में से 26 भरे हुए हैं। इसके अलावा, छह से सात विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किए जाने की उम्मीद है।
कुछ लोगों ने पूछा कि क्या यह केवल 'रिटर्न टू' योजना है? नहीं, इसमें नए चेहरों को अपनाने की प्रत्यक्ष इच्छा है। कुछ पुराने चेहरे भी बाहर हुए हैं क्योंकि उन्हें नई ऊर्जा की जरूरत थी। यह बता रहा है कि पार्टी को 'फ्रेश ब्लड' चाहिए। ऐसे छोटे-छोटे बदलावों से अक्सर बड़े निष्कर्ष निकाले जाते हैं।
Frequently Asked Questions
कौन से मंत्री अपने पद से हटाए गए हैं?
कैबिनेट में 10 पुराने मंत्रियों को हटाया गया था। हालांकि, उनका पूरा सूची अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। केवल यह पता चलता है कि 16 मंत्रियों ने 16 अक्टूबर को इस्तीफा दिया था।
जगदीश विश्वकर्मा क्या मंत्रालय में रहेंगे?
जगदीश विश्वकर्मा बीजेपी के राज्य अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं, इसलिए वे नए कैबिनेट में नहीं थे। उनका काम अब पार्टी संगठन पर केंद्रित होगा।
कब और कहाँ शपथ ग्रहण समारोह हुआ?
17 अक्टूबर 2025 को 11:30 बजे गान्धीनगर के महात्मा मंदिर परिसर में शपथ दी गई। इसे राज्यपाल अचार्य देवव्रत ने सुनाया था।
क्या यह केवल गुजरात तक सीमित है?
नहीं, यह केंद्र सरकार और अन्य बीजेपी शासित राज्यों के लिए एक संकेत माना जा रहा है। दिल्ली में मीटिंग में प्रधानमंत्री भी शामिल थे।