जब धुरंधर 2 ने पर्दे पर आतंकवाद के अंधेरे पन्नों को उजागर किया, तो दर्शकों की नजरें एक ऐसे खौफनाक चरित्र पर टिक गईं जिसने असल जिंदगी में इतिहास रचा था। यह कहानी सिर्फ़ सिनेमा की नहीं, बल्कि उस बेगुनाह यूनान युवक की है जिसकी हत्या ने पूरे देश का दिल तोड़ा था।
वास्तविकता में, फिल्म में दिखाया गया 'जहूर मिस्त्री' कोई काल्पनिक पात्र नहीं था। वह जहूर इब्राहिम मिस्त्री, वही आतंकी था जिसने 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के दौरान रूपिन कत्याल की निर्मम हत्या की थी। सालों बाद, जब इस आतंकवादी की मौत की खबर आई, तो यह प्रश्न फिर से उठा कि क्या न्याय हुआ? या फिर यह सिर्फ़ एक शुरुआत थी?
काठमांडू से कंधार तक: वो भयावह रात
24 दिसंबर 1999 की रात थी। काठमांडू से दिल्ली जा रही फ्लाइट IC-814 में सात दिवसीय छुट्टियां मनाने लौट रहे यात्री थे। बीच रास्ते में, पांच आतंकियों ने विमान पर कब्जा कर लिया। इनमें से एक था जहूर मिस्त्री, जिसे भारतीय खुफिया एजेंसियों ने बाद में 'सबसे खतरनाक' (deadliest) हाइजेकर बताया।
विमान को पहले अमृतसर और फिर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। वहां तालीबान शासन था, और स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही थी। आतंकियों ने भारत सरकार पर दबाव बनाने के लिए यात्रियों पर हमले शुरू कर दिए। सबसे घातक हमला 25 दिसंबर की सुबह हुआ, जब रूपिन कत्याल, जो अपनी पत्नी के साथ हनीमून से लौट रहा था, को चाकू से गोदकर मार दिया गया।
रूपिन की हत्या ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स के अनुसार, उसके शरीर पर गर्दन, चेहरे और सीने पर कई घाव थे। यह एकमात्र यात्री था जिसकी इस अपहरण के दौरान मौत हो गई। उसकी पत्नी के सामने ही की गई इस हत्या ने मानवीय संवेदनाओं को कुचल दिया।
जहूर मिस्त्री: 'डॉक्टर' या 'भोला'?
आतंकियों के बीच जहूर मिस्त्री को अक्सर 'डॉक्टर' या 'भोला' के नाम से जाना जाता था। कुछ रिपोर्ट्स में उसे हरकत-उल-मुजाहिदीन से जोड़ा गया, जबकि अन्य स्रोत इसे जैश-ए-मोहम्मद से लिंक करते हैं। फिल्म 'धुरंधर 2' में अभिनेता विवेक सिन्हा ने इसी किरदार को निभाया है, लेकिन असली जहूर की कहानी फिल्म से भी ज्यादा डरावनी थी।
हाईजैकिंग के बाद, भारत सरकार ने तीन बड़े आतंकियों—मसूद अज़हर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर—को रिहा करने की मजबूरी झेली। बदले में, जहूर मिस्त्री सहित बाकी हाइजेकर पाकिस्तान भाग गए। जहूर ने अपनी पहचान बदलकर 'जाहिद अखुंद' रख ली और कराची में एक सामान्य नागरिक बन गया।
कराची में अंत: न्याय की पुकार?
सालों तक जहूर मिस्त्री कराची के अख्तर कॉलोनी इलाके में 'Crescent Furniture' नामक दुकान चलाता रहा। कहा जाता है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI उसे एक 'सेफ एसेट' मानती थी क्योंकि वह भारत के खिलाफ उपयोगी साबित हो चुका था।
लेकिन 1 मार्च 2022 को सब बदल गया। अज्ञात बंदूकधारियों ने अख्तर कॉलोनी में घुसकर जहूर मिस्त्री के सिर में पॉइंट ब्लैंक रेंज से दो गोलियां मारीं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने कहा, "This is from Rupin Katyal" (यह रूपिन कत्याल की तरफ से है)। हालांकि, हमलावरों की पहचान आज तक अज्ञात है। क्या यह ISI की साफ़ सफाई थी? या फिर रूपिन के परिवार के लिए देर से आया न्याय?
धुरंधर 2 और वास्तविकता
फिल्म 'धुरंधर 2', जो 19 मार्च 2026 को रिलीज हुई, ने इन घटनाओं को फिर से रोशन किया। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे जहूर मिस्त्री ने रूपिन कत्याल की हत्या की और कैसे वह सालों तक छिपा रहा। फिल्म के संवाद, जैसे कि "जहूर मिस्त्री आपको याद होगा...", दर्शकों को उस भयावह रात की याद दिलाते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि फिल्म ने वास्तविक घटनाओं को काफी हद तक सटीकता से दिखाया है। हालांकि, कुछ विवाद अभी भी बने हुए हैं। क्या रूपिन की हत्या जहूर ने की थी या दूसरे हाइजेकर 'शाहिद अख्तर सैद' (जिसे डॉक्टर कहा जाता था)? अधिकांश प्रामाणिक स्रोत, जैसे हिंदुस्तान टाइम्स और लाइव हिंदुस्तान, जहूर मिस्त्री को मुख्य दोषी मानते हैं।
अब क्या? जीवित हाइजेकर
जहूर मिस्त्री की मौत के बाद, IC-814 के पांच हाइजेकरों में से अब केवल दो पाकिस्तान में जीवित बचे हैं: इब्राहिम अज़हर (मसूद अज़हर के बड़े भाई) और राऊफ असगर। ये दोनों आज भी जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय सदस्य माने जाते हैं। जहूर की मौत ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या बाकी हाइजेकर भी इसी तरह के अंत का सामना करेंगे?
Frequently Asked Questions
क्या जहूर मिस्त्री ने ही रूपिन कत्याल की हत्या की थी?
हाँ, अधिकांश प्रामाणिक स्रोत और सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार, जहूर मिस्त्री (उर्फ डॉक्टर या भोला) ने रूपिन कत्याल की हत्या की थी। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दूसरे हाइजेकर शाहिद अख्तर सैद को भी जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन बहुमत जहूर को मुख्य दोषी मानता है।
जहूर मिस्त्री की मौत कैसे हुई?
1 मार्च 2022 को कराची के अख्तर कॉलोनी में अज्ञात बंदूकधारियों ने जहूर मिस्त्री के सिर में पॉइंट ब्लैंक रेंज से दो गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। कहा जाता है कि हमलावरों ने यह कार्रवाई रूपिन कत्याल के लिए न्याय के रूप में की थी, लेकिन हमलावरों की पहचान स्पष्ट नहीं है।
धुरंधर 2 में जहूर मिस्त्री का किरदार किसने निभाया?
फिल्म 'धुरंधर 2' में जहूर मिस्त्री का किरदार अभिनेता विवेक सिन्हा ने निभाया है। फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज हुई और इसमें IC-814 हाइजैकिंग और जहूर की हत्या जैसे वास्तविक घटनाक्रमों को दिखाया गया है।
IC-814 हाइजैकिंग के बाद कौन से आतंकी अभी भी जीवित हैं?
जहूर मिस्त्री की मौत के बाद, IC-814 के पांच हाइजेकरों में से केवल दो पाकिस्तान में जीवित बचे हैं: इब्राहिम अज़हर (मसूद अज़हर के बड़े भाई) और राऊफ असगर। ये दोनों जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं और आज भी सक्रिय माने जाते हैं।
रूपिन कत्याल की उम्र क्या थी जब उसकी हत्या हुई?
रूपिन कत्याल की उम्र 25 वर्ष थी। वह अपनी पत्नी के साथ हनीमून मनाने काठमांडू गया था और लौटते समय फ्लाइट IC-814 में यात्री था। उसकी हत्या ने उसे इस हाइजैकिंग का एकमात्र यात्री मृतक बना दिया।